अध्याय 2 — द्वितीयोपदेश
घेरण्ड संहिता
40 श्लोक • केवल अनुवाद
सिद्धासन, पदमासन, भद्रासन, मुक्तासन, वज्रासन, स्वस्तिकासन, सिहीँसन, गोमुखासन, वीरासन, धनुरासान, मृतासन, गुप्तासन, मत्स्यासन, मत्स्येन्द्रासन, गोरक्षासन, पश्चिमोत्तानासन, उत्कटासन, संकटासन, मयूररासन, कुक्कुटासन, कूर्मासन, उत्तानकूर्मासन, उत्तानमण्ड्कासन, वृक्षासन, मण्ड्कासन, गरुडासन, वृषभासन, शलभासन, मकरासन, उष्ट्रासन, भुजङ्गासन, योगासन, (ये सब) कुल बत्तीस आसन मनुष्यलोक में सिद्धियाँ देने वाले हैं।