गुल्फौ च वृषणस्याधो व्युत्क्रमेण समाहितो ।
ऋजुकायशिरोग्रीवं कूर्मासनमितीरितम् ॥
कूर्मासन - अण्डकोश के नीचे दोनों एड़ियों को रखकर व्युत्क्रम से (विपरीत रूप से) रखे। सिर, गर्दन को और शरीर को क्रजुवत् (सीधे) रखे, यह कूर्मासन कहा गया है।
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