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घेरण्ड संहिता • अध्याय 2 • श्लोक 13
एकपादम थेकस्मिन्विन्यसेटूरुसंस्थितम्‌ । इतरस्मिस्तथा पश्चाट्ठीरासनमितीरितम्‌ ॥
(वीरासन विधि बताते हैं-) एक पैर को ही एक जंघा के ऊपर रखे तथा दूसरा पेर पीछे की ओर रखे, इस प्रकार यह वीरासन कहा गया है।
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