उष्ट्रासन - नीचे मुख करके शयन करे, पुनः दोनों पैरों को पीछे से लाकर दोनों हाथों से धारण करे, तथा उदर और मुख को दृढता से आकुंचन (सिकोड़) ले, इसे योगीजन उष्ट्रासन कहते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
घेरण्ड संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
घेरण्ड संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।