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अध्याय 1 — प्रश्नोत्तर रत्नमालिका
प्रश्नोत्तर रत्नमालिका
67 श्लोक • केवल अनुवाद
जीवन के दृश्य एवं अदृश्य ध्येय को पाने के लिए आवश्यक ऐसी यह प्रश्नोत्तर रत्न मालिका को पहन के
(याद कर के)
कौन खुद को अलंकृत नहीं करना चाहेगा?
क्या
स्वीकार्य
है? गुरु के वचन
(शिक्षा)
। क्या
त्याज्य
है? जो धर्म के विरुद्ध है।
गुरु
कौन है? जिसने सत्य को पा लिया है और जो सदैव अपने शिष्य के लिए सही सोचता है।
समझदार व्यक्ति को कौन सी बात त्वरित करनी चाहिए ? जन्म मृत्यु के चक्र का छेदन । मोक्ष के वृक्ष का बीज क्या है? आचरण में लाया हुआ सही ज्ञान।
सबसे
श्रेष्ठ
हितकारक क्या है? धर्म। सबसे
शुद्ध
(व्यक्ति)
कौन है? जिसका मन शुद्ध है वह ।
समझदार
कौन है? जो विवेकी है।
(जो सही-गलत, धर्म- अधर्म, शाश्वत-नश्वर का भेद पहचानता है)
विष
क्या है? बड़ों की आज्ञा की अवज्ञा।
संसार का सार
क्या है? उस तत्व के लिए निरंतर चिंतन करना । मनुष्य के लिए
इष्ट
क्या है? खुद के और दूसरों के लिए जीवन समर्पित करना।
मदिरा की तरह
मोहजनक
(भ्रामक)
क्या है? स्नेह।
चोर
कौन है? विषय
(इन्द्रिय सुख)
।
जन्म का कारण
क्या है? तृष्णा
(इच्छा)
।
शत्रु
कौन है? आलस, प्रमाद ।
भय
किससे है? मृत्यु से।
अंधे से भी बुरा
(व्यक्ति)
कौन है? रागी
(इच्छाओं में फंसा हुआ)
शूर
कौन है? सुंदर स्त्री की नज़रों के बाणों से व्यथित न होने वाला ।
वह क्या है, जो अमृत की तरह कानों से पीया जाए? सही उपदेश।
महानता का मूल
क्या है? किसी से कुछ भी याचना न करना ।
गहना
क्या है? स्त्री का चरित्र ।
चतुर
कौन है? स्त्री का चरित्र जिसे जीत नहीं पाता वह।
दुःख
क्या है? असंतोष।
लघुता
क्या है? अधम
(नीच)
व्यक्ति से याचना करना।
जीवित
कौन है? जो निष्कलंक है।
मूर्खता
क्या है? जो सीखा हुआ है, उसका अभ्यास न करना।
जागृत
कौन है? जो विवेकी है।
(जो सही-गलत, धर्म-अधर्म, शाश्वत-नश्वर का भेद पहचानता है)
निद्रा
क्या है? मनुष्य की अज्ञानता।
कमल के पत्ते पे गिरि हुई पानी की बूंद के सामान
क्षणिक
क्या है? यौवन, धन और आयु। चन्द्र के किरणों के सामान कौन है? सज्जन व्यक्ति।
नरक
क्या है? दूसरों के वश में रहना।
सुख
क्या है? सभी प्रकार के लगाव से मुक्ति। प्राप्त करने योग्य क्या है? प्राणीमात्र का हित। प्राणीमात्र को
प्रिय
क्या है? खुद की जिंदगी।
किसका परिणाम दुर्गति है? मान का।
सुखदायक
क्या है? सज्जनों से मैत्री। सभी प्रकार के दुखों को नाश करने के लिए सक्षम कौन है? जो सदैव त्यागी है वह।
मृत्यु
क्या है? मूर्खता।
अमूल्य
क्या है? जो सही समय पर दिया गया है वह। क्या है जो ज़िंदगीभर कांटे की तरह चुभता है? छिपकर किया हुआ पाप।
प्रयत्न किसके लिए होना चाहिए? विद्याप्राप्ति, औषधि की खोज और दान के लिए। किसकी उपेक्षा करनी चाहिए? दुर्जनों की, दूसरों की पत्नी और दूसरों के धन की।
दिन-रात क्या सोचते रहना चाहिए? संसार की क्षणिकता, न की स्त्री की सुंदरता। प्यार के लिए विषयवस्तु क्या होनी चाहिए? दीन व्यक्ति के प्रति करुणा, और सज्जनों से मैत्री।
मृत्यु के समय भी किस व्यक्ति को सही रस्ते पे नहीं लाया जा सकता? मूर्ख, शंकाशील, निरानंद
(उदास)
और कृतघ्नी व्यक्ति को।
सज्जन
कौन है?
जिसकी वृत्ति शुद्ध है।
अधम
(नीच)
किसे कहा जाए?
जिसकी वृत्ति अशुद्ध है ।
विश्व को कौन जीत सकता है?
जिसके पास सत्य और सहनशीलता
(धैर्य)
है।
देवता किसको नमन करते हैं? जिसका प्रमुख गुण दया है।
उद्वेग
किससे निर्माण होता है? संसाररूपी जंगल उद्वेग निर्माण करता है।
जीवमात्र को कौन वश कर सकता है? जिसकी वाणी सत्य और प्रिय है तथा जो विनम्र है। व्यक्ति को कहाँ स्थिर होना चाहिए? इस विश्व में और उसके परे जो लाभदायी है, ऐसे सच्चे पथ पर।
अंधा
कौन है? जो बुरे कर्मों में लिप्त है।
बहरा
कौन है? जो अपने हित की बातें नहीं सुनता।
मूक
कौन है? सही समय पर जो सही बात नहीं बोलता।
दान
क्या है? जो बिना किसी अपेक्षा से किया है।
मित्र
कौन है? जो पाप से बचाता है।
अलंकार
क्या है? अच्छा चरित्र। वाणी को कौन सजाता है? सत्य।
बिजली के सामान
क्षणिक
क्या है? दुर्जन का संग और युवती। कलियुग में भी कौन अपने अच्छे चरित्र से विचलित नहीं होता? सिर्फ सज्जन व्यक्ति।
चिंतामणि के समान
दुर्लभ
क्या है? चार बातें, जो मैं कह रहा हूँ। प्रबुद्ध व्यक्ति द्वारा मार्गदर्शित, वह बातें क्या है?
मीठी वाणी के साथ किया हुआ दान, गर्व रहित ज्ञान, क्षमा सहित शौर्य और संपत्ति की ओर त्याग
(उदारता)
की दृष्टि— यह चार बातें दुर्लभ है।
शोक
करने लायक क्या है? कार्पण्य
(जिसने संपत्ति का ना ही उपभोग किया, ना ही दान)
। समृद्ध होने पर कौन पूज्य है? जो स्वाभाव से सदैव विनम्र है। ज्ञानियों द्वारा कौन पूज्य है ? जिसके पास औदार्य
(उदारता)
है।
कमल रूपी कुल
(कुटुंब)
को खिलनेवाला सूर्य कौन है? सर्वगुण संपन्न होने के बावजूद जो विनम्र है। विश्व किसके वश में है? जिसकी वाणी मधुर, हितकारक है और जो धर्मपरायण है।
क्या विद्वानों को मोहित करता है? उन्नत करती हुई कविता और ज्ञान रुपी स्त्री। विपत्ति किसे स्पर्श नहीं कर सकती? जो बड़ों की आज्ञा को अनुसरता है और संयमी है।
देवी लक्ष्मी को कौन पसंद है? जिसका मन आलसी नहीं है तथा जिसका आचरण और चरित्र शुद्ध है। और वह तत्क्षण किसका त्याग करती है? जो ब्राह्मण, गुरुजन
(बुजुर्गों)
एवं देवों की निंदा करता है, और जो आलसी है।
व्यक्ति को कहाँ रहना चाहिए? सज्जनों के समीप या काशी में। किस जगह को छोड़ना चाहिए? जहाँ के लोग नीच है एवं राजा लालची और कंजूस है।
क्या व्यक्ति को शोकमुक्त करता है ? आज्ञाकारी पत्नी और स्थायी समृद्धि। विश्व में क्या शोक करने जैसा है? समृद्ध होते हुए भी जो दान नहीं करता है।
मानहानि
(उपहास)
का कारण क्या है? नीच व्यक्ति से मांगना। राम से भी
बहादुर
कौन है? कामदेव के बाणों से जिसका मन चालित नहीं होता है।
दिन रात किसका चिंतन करना चाहिए? प्रभु के चरणों का, न कि सांसारिक जीवन का I आँखे होने के बावजूद अँधा कौन है? जो ईश्वर के अस्तित्व को नहीं मानता है और जो वेदों की निंदा करता है।
अपंग
कौन है? जो बूढा होने के बाद तीर्थयात्रा करता है।
महत्वपूर्ण तीर्थ
कौन सा है? जो मन की अशुद्धि
(बुरी वासनाओं)
को दूर करे।
क्या सदैव याद रखना चाहिए? हरि का नाम, न कि हीन व्यक्तियों की भाषा। सज्जनों के लिए अनिर्वचनीय क्या है? दूसरों के दोष एवं असत्य।
व्यक्ति को किसका उपार्जन करना चाहिए? विद्या, वित्त, बल, यश और पुण्य। सभी सद्गुणों को कौन नाश करता है? लोभ।
शत्रु
कौन है? काम
(वासना)
।
कौन सी सभा का त्याग करना चाहिए? जिसमें कोई अनुभवी सचिव नहीं है। व्यक्ति को किस में सतर्क रहना चाहिए? राजा की सेवा करने में।
प्राण से भी प्यारा क्या है? परंपरागत धर्म का पालन एवं सज्जनों की संगति। किसका संरक्षण करना चाहिए? कीर्ति, पतिव्रता स्त्री और अपनी विवेकपूर्ण बुद्धि का।
इच्छापूर्ती करने वाली लता कौन सी है? सुपात्र शिष्य को दी हुई विद्या। क्षय न होने वाला वृक्ष कौन सा है? सुपात्र व्यक्ति को नियमानुसार दिया हुआ दान।
सभी के लिए
शस्त्र
क्या है? युक्ति।
माता
कौन है? गाय।
बल
क्या है? साहस।
मृत्यु
क्या है? असावधानी
(लापरवाही)
।
विष
कहाँ है? दुर्जनों के पास।
कलंक
(अपावित्र्य)
क्या है? किसी का ऋणी रहना। अभय किससे प्राप्त होता है? वैराग्य
(दुन्यवी चीजों के अलगाव)
से।
भय
क्या है? संपत्ति।
क्या पाना मनुष्य के लिए
दुर्लभ
है? हरि भक्ति।
पातक
(पाप)
क्या है? हिंसा
(किसी भी सजीव को शारीरिक या मानसिक पीड़ा देना)
। कौन भगवान को प्रिय है? जो दूसरों को उद्विग्न नहीं करता एवं खुद भी उद्विग्न नहीं होता।
सिद्धि
किससे मिलती है? तप से।
बुद्धि
कहाँ है? ब्राह्मण में। बुद्धि कैसे मिलती है? वृद्धों की सेवा से।
वृद्ध
कौन है? जो धर्म और सत्य जानते हैं।
प्रतिष्ठित व्यक्ति के लिए मृत्यु से भी बुरा क्या है? अपयश
(बदनामी)
। विश्व में
सुखी
कौन है? जो धनवान है।
धन
क्या है? जिससे इच्छापूर्ती होती है।
सभी सुखों का बीज क्या है? पुण्य। और दुखों का? पाप। अधिपत्य किसका हो सकता है? जो भक्तहृदय से भगवान शंकर की आराधना करता है।
वृद्धि किसकी होती है? जो विनम्र है। अधःपतित कौन होता है? दंभी व्यक्ति। कौन विश्वासपात्र नहीं है? जो सदैव असत्य कहता है ।
कब असत्य भी पातक नहीं रहता? जब धर्म रक्षणार्थ कहा गया हो।
धर्म
क्या है ? कुल के महान एवं पवित्र पूर्वजों द्वारा स्वीकृत शिष्टाचार और नैतिक मूल्य।
सज्जनों का बल क्या है? प्रारब्ध।
सज्जन
कौन है? जो सदैव संतुष्ट है।
प्रारब्ध
क्या है? सत्कर्म। सुकृती
(सत्कर्म करने वाला)
कौन है? गुणीजन जिसकी प्रशंसा करते हैं— वह।
गृहस्थ का मित्र कौन है? पत्नी।
गृहस्थ
कौन है? जो यज्ञ करता है।
यज्ञ
क्या है? जो वेदों में कहा गया है और जो मानवता के लिए हितकारक है।
किसका कर्म फलप्रद है? जिसका आचरण शुद्ध है और जो शिष्ट है।
शिष्ट
कौन है? जो वेद को प्रमाण मानता है । कौन मृत्यु को प्राप्त होता है? स्वधर्म को भूला हुआ।
धन्य
(जीवन के उच्चतम ध्येय को प्राप्त करनेवाला)
कौन है? संन्यासी
(संसार में जकड़ी हुई बेड़ी को जिसने तोड़ दिया है)
।
सम्माननीय
(आदरपात्र)
कौन है? जो ज्ञानी एवं सरल है ।
पूजनीय
कौन है? जो दाता है। दाता कौन है? ज़रूरतमंद को संतुष्ट करनेवाला।
देहधारी के लिए
आशीष
(भाग्य)
क्या है? आरोग्य। फल का आनंद कौन लेता है? जो बोता है
(प्रयत्नशील है)
। निष्पाप कौन है? जो जप करता है
(निरंतर मननशील)
।
पूर्ण
कौन है? जिनकी संतान है।
मनुष्यों के लिए कठिन क्या है? मन का निरंतर नियंत्रण।
ब्रह्मचारी
कौन है? जिसने अपनी शक्ति का उदात्तीकरण किया है, न कि व्यय।
सर्वश्रेष्ठ देवी
कौन है? चेतनाशक्ति
(माँ अम्बा)
। जगत का संरक्षक कौन है? सूर्य। सभी के जीवन का स्रोत क्या है? वर्षा।
शूर
कौन है? जो भयभीत का रक्षक है।
रक्षक
कौन है? गुरु।
जगद्गुरु
कौन है? भगवान शिव। ज्ञान कहाँ से प्राप्त होता है? भगवान शिव से।
मुक्ति किससे प्राप्त होती है? मुकुंद
(विष्णु)
भक्ति से।
मुकुंद
कौन है? अविद्या से तारने वाला।
अविद्या
क्या है? स्वयं को न जानना।
कौन
शोकरहित
है? कभी क्रोधित न होनेवाला।
सुख
क्या है? संतोष।
राजा
कौन है? दूसरों को खुश करने वाला
(जो विषयों को खुश करता है, न कि विषय उन्हें)
।
कुत्ता
कौन है? नीच व्यक्ति की सेवा करने वाला।
माया का रचयिता कौन है? सर्वोत्तम ईश्वर।
इन्द्रजाल
(सर्वश्रेष्ठ दैवी जादू)
क्या है? यह सम्पूर्ण जगत।
स्वप्नवत्
क्या है? जागृत अवस्था में जो कुछ भी हो रहा है। सत्य क्या है? ब्रह्म।
मिथ्या
(भ्रम)
क्या है? सही ज्ञान के प्रकाश से जो नाश होता है।
अवर्णनीय
क्या है? माया।
तुच्छ
क्या है? खरगोश के सींग जैसी चीजें, जिनका अस्तित्व ही नहीं है।
कल्पनीय
क्या है? द्वैतवाद
(जीव और शिव का अलगाव)
।
सर्वोत्तम सत्य
क्या है? अद्वैत। यह अज्ञानता कब से है? अनादि से। शरीर का पोषक क्या है? प्रारब्ध
(पूर्व कर्म जिनके फल मिलने शुरू हुए है)
। अन्न कौन देता है? आयुष्य।
ब्राह्मण को किसकी पूजा करनी चाहिए? गायत्री, ऊरी और अग्नि में जो व्याप्त है, ऐसे शिवजी की। गायत्री, सूर्य, अग्नि और शिव में क्या है? परम सत्य।
प्रत्यक्ष देवता
कौन है? माता। पूजनीय एवं गुरु कौन है? पिता। सभी देवता कहाँ स्थित है? ज्ञानी और कर्मनिष्ठ ब्राह्मण में।
वंश के पतन का कारण क्या है? सज्जनों को संताप देने वाले कर्म। किसके शब्द विफल नहीं होते? जिसमें सत्य है, मौन
(वाणी पर नियंत्रण)
है और मन नियंत्रित है।
जन्म का कारण
क्या है? विषयों से आसक्ति।
आगामी जन्म
क्या है? पुत्र।
अनिवार्य
क्या है? मृत्यु। व्यक्ति को कहाँ पैर रखना चाहिए? जहाँ अच्छाई मालूम हो।
कौन अन्नदान के पात्र है? जो भूखा है। कौन
पूजनीय
है? भगवन के अवतार।
भगवान
कौन है? वह परमेश्वर जिसमें शिव और नारायण व्याप्त
(एक)
है।
भगवद्
भक्ति का फल
क्या है? भगवद् तत्व की अनुभूति एवं स्व-स्वरूप की पहचान ।
मोक्ष
(मुक्ति)
क्या है? अज्ञान से मुक्ति
(अविद्या का अंत)
। वेदों का उद्भवस्थान क्या है? ॐ
प्रश्नोत्तर रत्न मालिका स्वरूप इस रत्नों की माला को जो कोई भी अपने गले में पहनता है
(इसे मन में याद कर लेता है)
, वह महान-सज्जनों की सभा में रोशन होता है
(प्रशस्ति पता है)
।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
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