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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 14
किं मरणम् ? - मूर्खत्वम् । किं च अनर्घम्? - यदवसरे दत्तम् । आमरणात् किं शल्यम्? प्रच्छन्नं यत् कृतं पापम् ।
मृत्यु क्या है? मूर्खता। अमूल्य क्या है? जो सही समय पर दिया गया है वह। क्या है जो ज़िंदगीभर कांटे की तरह चुभता है? छिपकर किया हुआ पाप।
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