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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 51
को धन्यः? - संन्यासी । को मान्यः? - पण्डितः साधुः । कः सेव्यः? - यो दाता । को दाता? यो अर्थतृप्तिम् आतनुते ।
धन्य (जीवन के उच्चतम ध्येय को प्राप्त करनेवाला) कौन है? संन्यासी (संसार में जकड़ी हुई बेड़ी को जिसने तोड़ दिया है)। सम्माननीय (आदरपात्र) कौन है? जो ज्ञानी एवं सरल है । पूजनीय कौन है? जो दाता है। दाता कौन है? ज़रूरतमंद को संतुष्ट करनेवाला।
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