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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 7
कस्मात् भयं इह? - मरणात् । अन्धात् इह को विशिष्यते? - रागी । कः शूरः? यः ललना लोचन बाणैः न च व्यधितः ।
भय किससे है? मृत्यु से। अंधे से भी बुरा (व्यक्ति) कौन है? रागी (इच्छाओं में फंसा हुआ) शूर कौन है? सुंदर स्त्री की नज़रों के बाणों से व्यथित न होने वाला ।
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