कस्मात् भयं इह? - मरणात् । अन्धात् इह को विशिष्यते? - रागी । कः शूरः? यः ललना लोचन बाणैः न च व्यधितः ।
भय किससे है?
मृत्यु से।
अंधे से भी बुरा (व्यक्ति) कौन है?
रागी (इच्छाओं में फंसा हुआ)
शूर कौन है?
सुंदर स्त्री की नज़रों के बाणों से व्यथित न होने वाला ।
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