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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 26
किं शोच्यम्? - कार्पण्यम् । सति विभवे किं प्रशस्तम्? - औदार्यम् । कः पूज्यः विद्वद्भिः? स्वभावतः सर्वदा विनीतो यः ।
शोक करने लायक क्या है? कार्पण्य (जिसने संपत्ति का ना ही उपभोग किया, ना ही दान)। समृद्ध होने पर कौन पूज्य है? जो स्वाभाव से सदैव विनम्र है। ज्ञानियों द्वारा कौन पूज्य है ? जिसके पास औदार्य (उदारता) है।
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