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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 27
कः कुलकमलदिनेशः? सति गुणविभवेऽपि यो नमः । कस्य वशे जगदेतत्? प्रियहित वचनस्य धर्मनिरतस्य ।
कमल रूपी कुल (कुटुंब) को खिलनेवाला सूर्य कौन है? सर्वगुण संपन्न होने के बावजूद जो विनम्र है। विश्व किसके वश में है? जिसकी वाणी मधुर, हितकारक है और जो धर्मपरायण है।
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