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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 50
कस्य क्रिया हि सफला? यः पुनः आचारवान् शिष्टः | कः शिष्टः? - यो वेदप्रमाणवान् । को हतः? क्रियाभ्रष्टः ।
किसका कर्म फलप्रद है? जिसका आचरण शुद्ध है और जो शिष्ट है। शिष्ट कौन है? जो वेद को प्रमाण मानता है । कौन मृत्यु को प्राप्त होता है? स्वधर्म को भूला हुआ।
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