को अहर्निशं अनुचिन्त्या? संसार असारता, न तु प्रमदा । का प्रेयसी विधेया? करुणा दीनेषु सज्जने मैत्री ।
दिन-रात क्या सोचते रहना चाहिए?
संसार की क्षणिकता, न की स्त्री की सुंदरता।
प्यार के लिए विषयवस्तु क्या होनी चाहिए?
दीन व्यक्ति के प्रति करुणा, और सज्जनों से मैत्री।
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