प्रश्नोत्तर रत्न मालिका स्वरूप इस रत्नों की माला को जो कोई भी अपने गले में पहनता है (इसे मन में याद कर लेता है), वह महान-सज्जनों की सभा में रोशन होता है (प्रशस्ति पता है)।
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