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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 52
किं भाग्यं देहवताम् ? - आरोग्यम् । कः फली? – कृषिकृत् । कस्य न पापम्? जपतः । कः पूर्णः? - यः प्रजावान् स्यात् ।
देहधारी के लिए आशिष (भाग्य) क्या है? आरोग्य। फल का आनंद कौन लेता है? जो बोता है (प्रयत्नशील है)। निष्पाप कौन है? जो जप करता है (निरंतर मननशील)। पूर्ण कौन है? जिनकी संतान है।
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