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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 42
का दुर्लभा नराणाम्? - हरिभक्तिः । पातकं च किम्? – हिंसा । को हि भगवत्प्रियः स्यात्? योऽन्यं न उद्वेजयेत् अनुद्विग्नः ।
क्या पाना मनुष्य के लिए दुर्लभ है? हरि भक्ति। पातक (पाप) क्या है? हिंसा (किसी भी सजीव को शारीरिक या मानसिक पीड़ा देना)। कौन भगवान को प्रिय है? जो दूसरों को उद्विग्न नहीं करता एवं खुद भी उद्विग्न नहीं होता।
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