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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 53
किं दुष्करं नराणाम्? यन्मनसो निग्रहः सततम्। को ब्रह्मचर्यवान् स्यात् ? यश्च अस्खलित ऊर्ध्वरेतस्कः ।
मनुष्यों के लिए कठिन क्या है? मन का निरंतर नियंत्रण। ब्रह्मचारी कौन है? जिसने अपनी शक्ति का उदात्तीकरण किया है, न कि व्यय।
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