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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 58
को मायी? - परमेशः । कः इन्द्रजालायते? - प्रपञ्चोऽयं । कः स्वप्ननिभः? - जाग्रत् व्यवहारः । सत्यमपि च किम्? - ब्रह्म ।
माया का रचयिता कौन है? सर्वोत्तम ईश्वर। इन्द्रजाल (सर्वश्रेष्ठ दैवी जादू) क्या है? यह सम्पूर्ण जगत। स्वप्नवत् क्या है? जागृत अवस्था में जो कुछ भी हो रहा है। सत्य क्या है? ब्रह्म।
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