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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 2
भगवन् किमुपादेयं? – गुरुवचनम् । हेयमपि किम्? - अकार्यम् । को गुरुः? अधिगततत्त्वः शिष्यहितायोद्यतः सततम् ।
क्या स्वीकार्य है? गुरु के वचन (शिक्षा)। क्या त्याज्य है? जो धर्म के विरुद्ध है। गुरु कौन है? जिसने सत्य को पा लिया है और जो सदैव अपने शिष्य के लिए सही सोचता है।
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