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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 17
कण्ठगतैरपि असुभिः कस्य हि आत्मा न शक्यते जेतुम्? मूर्खस्य शङ्कितस्य च विषादिनो वा कृतघ्नस्य ।
मृत्यु के समय भी किस व्यक्ति को सही रस्ते पे नहीं लाया जा सकता? मूर्ख, शंकाशील, निरानंद (उदास) और कृतघ्नी व्यक्ति को।
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