कण्ठगतैरपि असुभिः कस्य हि आत्मा न शक्यते जेतुम्? मूर्खस्य शङ्कितस्य च विषादिनो वा कृतघ्नस्य ।
मृत्यु के समय भी किस व्यक्ति को सही रस्ते पे नहीं लाया जा सकता?
मूर्ख, शंकाशील, निरानंद (उदास) और कृतघ्नी व्यक्ति को।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रश्नोत्तर रत्नमालिका के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रश्नोत्तर रत्नमालिका के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।