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प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 48
साधुबलं किम् ? – दैवम् । कः साधुः? - सर्वदा तुष्टः । दैवं किम् ? – यत् सुकृतम् । कः सुकृती? - श्लाघ्यते च य सद्भिः ।
सज्जनों का बल क्या है? प्रारब्ध। सज्जन कौन है? जो सदैव संतुष्ट है। प्रारब्ध क्या है? सत्कर्म। सुकृती (सत्कर्म करने वाला) कौन है? गुणीजन जिसकी प्रशंसा करते हैं वह।
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