मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
प्रश्नोत्तर रत्नमालिका • अध्याय 1 • श्लोक 39
का कल्पलता लोके? सच्छिष्याय अर्पिता विद्या । को अक्षयवटवृक्षः स्यात्? विधिवत् सत्पात्रदत्त दानं यत् ।
इच्छापूर्ती करने वाली लता कौन सी है? सुपात्र शिष्य को दी हुई विद्या। क्षय न होने वाला वृक्ष कौन सा है? सुपात्र व्यक्ति को नियमानुसार दिया हुआ दान।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रश्नोत्तर रत्नमालिका के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

प्रश्नोत्तर रत्नमालिका के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें