किं मिथ्या? - यद्विद्यानाश्यं । तुच्छं तु? - शशविषाणादि । का च अनिर्वचनीया? किं कल्पितम् ? – द्वैतम् । माया ।
मिथ्या (भ्रम) क्या है?
सही ज्ञान के प्रकाश से जो नाश होता है।
अवर्णनीय क्या है?
माया।
तुच्छ क्या है?
खरगोश के सींग जैसी चीजें, जिनका अस्तित्व ही नहीं है।
कल्पनीय क्या है?
द्वैतवाद (जीव और शिव का अलगाव)।
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