किऊराचु इस्मस्त आजिज्ञ नवाज्ञ ।
कि अज़ हर सिपासस्त ऊ बेनियाज़ ।।
कि जब उसका नाम निर्बलों का रक्षक है कि वह हर धन्यवाद (प्रणाम आदि) से निरपेक्ष-निरीह है।
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