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ज़फ़रनामा • अध्याय 1 • श्लोक 51
बरंगे मगस सायापोश आमदन्द । बयकबारगीं दर खरोश आमदन्द ।।
मक्खियों के समान रात में छुपकर वे आये। और (आते ही) वे क्रोध में उत्तेजित हो उठे।
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