न दानम कि ई मर्द रोबाह पेच ।
वगर हरगिज़ी रह न यारद बहेच ॥
मैं नहीं जानता था कि यह पुरुष (औरंगज़ेब) लोमड़ी की तरह चालाक है। वरना मैं इस शपथ पर विश्वास के मार्ग पर कभी भी ज़रा सा भी नहीं आता।
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