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योगतत्त्व • अध्याय 1 • श्लोक 58
येन भूचरसिद्धिः स्याद्धचराणां जये क्षमः। व्याघ्रो वा शरभो वापि गजो गवय एव वा ॥
इस प्रकार से योगी को भूचर सिद्धि की प्राप्ति होने से समस्त भू-चरों पर विजय की प्राप्ति हो जाती है।
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