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योगतत्त्व • अध्याय 1 • श्लोक 51
ततोऽपि धारणाद्वायोः क्रमेणैव शनैः शनैः। कम्पो भवति देहस्य आसनस्थस्य देहिनः ॥
इसके अनन्तर वायु की धारणा शक्ति निरन्तर शनैः शनैः बढ़ती रहने से आसन पर बैठे हुए साधक के शरीर में कम्पन होने लगता है।
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