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योगतत्त्व • अध्याय 1 • श्लोक 29
अहिंसा नियमेष्वेका मुख्या वै चतुरानन। सिद्धं पद्म तथा सिंहं भद्रं चेति चतुष्टयम् ॥
नियमों के अन्तर्गत अहिंसा प्रधान है। सिद्ध, पद्म, सिंह तथा भद्र ये चार मुख्य आसन हैं।
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