स एव लययोगः स्याद्धठयोगमतः शृणु।
यमश्च नियमश्चैव आसनं प्राणसंयमः ॥
इस प्रकार वह तो लययोग हुआ। अब हठयोग का श्रवण करो - यम, नियम, आसन, प्राणायाम,
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