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योगतत्त्व • अध्याय 1 • श्लोक 2
विष्णुर्नाम महायोगी महाभूतो महातपाः । तत्त्वमार्गे यथा दीपो दृश्यते पुरुषोत्तमः ॥
विष्णु नामक महायोगी ही समस्त (भूत) प्राणियों के आदि महाभूत एवं महातपस्वी हैं। वे पुरुषोत्तम तत्त्वमार्ग में दीपक के सदृश प्रकाशमान हैं।
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