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योगसूत्र • अध्याय 4 • श्लोक 15
‌ ‌‌वस्तुसाम्ये‌ ‌चित्तभेदात्तयोर्विभक्तः‌ ‌पन्थाः‌ ‌॥ ‌ वस्तुसाम्ये‌, चित्त-भेदात्-तयो: विभक्त: ‌पन्थाः ॥
वस्तु के एक समान होने पर भी अनेक चित्तों में ज्ञान का अन्तर होने से उन दोनों अर्थात वस्तु और उसके ज्ञान के मार्ग अलग अलग होते हैं ।
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