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योगसूत्र • अध्याय 4 • श्लोक 11
‌‌‌हेतुफलाश्रयालम्बनैः‌ ‌संगृहीतत्वादेषामभावे‌ ‌तदभावः‌ ‌॥ हेतु-फल-आश्रय-आलम्बनै:,संगृहीतत्वात् ,एषाम्, अभावे,तद् , अभाव: ॥
हेतु, फल, आश्रय व आलम्बन से ही वासनाओं का संग्रह होता है । अतः इन उपर्युक्त चार कारणों का अभाव होने से सभी वासनाओं का भी अभाव हो जाता है ।
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