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योगसूत्र • अध्याय 3 • श्लोक 7
‌त्रयमन्तरङ्गं पूर्वेभ्यः ॥ त्रयम्, अन्तरङ्गंम् , पूर्वेभ्य: ॥
साधन पाद में अष्टांग योग के प्रकरण में कहे गए यम, नियम, आसन, प्राणायाम व प्रत्याहार की अपेक्षा ये तीन धारणा, ध्यान व समाधि (जिनकी संयम परिभाषा) सम्प्रज्ञात समाधि के निकटतम साधन हैं।
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