कानों एवं आकाश के परस्पर सम्बन्ध में संयम करने से योगी के दिव्य श्रोत अथवा सुनने की दिव्य क्षमता की प्राप्ति होती है । जिस शक्ति के द्वारा वह सूक्ष्म से सूक्ष्म शब्दों को भी सहजता से सुनने में सक्षम हो जाता है ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
योगसूत्र के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
योगसूत्र के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।