ते समाधावुपसर्गा व्युत्थाने सिद्धयः ॥
ते, समाधौ, उपसर्गा:, व्युत्थाने, सिद्धय:॥
वे सभी प्रातिभ, श्रावण, वेदन, आदर्श, आस्वाद और वार्ता नाम की छ: सिद्धियाँ समाधि की प्राप्ति में विध्न उत्पन्न करती हैं, लेकिन व्युत्थान दशा अर्थात जिसमें चित्त योग की स्थिति में नहीं रहता, में यह सिद्धियाँ हैं ।
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