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योगसूत्र • अध्याय 3 • श्लोक 36
ततः प्रातिभश्रावणवेदनादर्शास्वादवार्ता जायन्ते ॥
उस पुरुष में संयम करने से प्रातिभ, श्रावण, वेदन, आदर्श, आस्वाद व वार्ता जैसी सिद्धियाँ उत्पन्न होती हैं।
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