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योगसूत्र • अध्याय 3 • श्लोक 26
भुवनज्ञानं सूर्ये संयमात् ॥ भुवन-ज्ञानं, सूर्ये, संयमात् ॥
शरीर से बाहर स्थित सूर्य में संयम करने से योगी को सभी लोक – लोकान्तरों का ज्ञान हो जाता है ।
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