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योगसूत्र • अध्याय 3 • श्लोक 18
संस्कारसाक्षात्करणात्पूर्वजातिज्ञानम् ॥ संस्कार,साक्षात्,करणात्, पूर्व-जाति, ज्ञानम् ॥
योगी द्वारा अपने संस्कारों में संयम (धारणा-ध्यान और समाधि) करने से उसे अपने पूर्व जन्म के बारे में ज्ञान हो जाता है ।
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