शब्द एवं उसके अर्थ एवं ज्ञान का परस्पर जुड़ाव होने से वे एक दुसरे के साथ मिले हुए जैसे प्रतीत होते हैं तब उनके विभाग (अलग-अलग) में संयम (धारणा-ध्यान-समाधि) करने से सभी प्राणियों के शब्दों का ज्ञान हो जाता है ।
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