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योगसूत्र • अध्याय 2 • श्लोक 46
स्थिरसुखम् आसनम् ॥ स्थिर-सुखम् आसनम्॥
शरीर की स्थिति विशेष जिसमें शरीर बिना हिले- डुले स्थिर व सुखपूर्वक देर तक बैठा रह सकता है, उस अवस्था को आसन कहते हैं ।
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