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योगसूत्र • अध्याय 2 • श्लोक 17
द्रष्टृदृश्ययोः संयोगो हेयहेतुः॥ द्रष्टृ , दृश्ययोः , संयोग: , हेय: , हेतुः ॥
द्रष्टा और दृश्य का संयोग उक्त दु:ख का कारण है ।
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