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योगसूत्र • अध्याय 2 • श्लोक 1
तपःस्वाध्यायेश्वरप्रणिधानानि क्रियायोगः॥ तपः, स्वाध्याय, ईश्वर-प्रणिधानानि, क्रिया-योग: ॥
तप, अध्यात्मशास्त्रों के पठन-पाठन और ईश्वर शरणागति - ये तीनों क्रिया योग हैं।
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