उस (ऋतंभरा प्रज्ञा जन्य संस्कार) के भी निरोध हो जाने पर सबका निरोध हो जाने के कारण निर्बीज समाधि हो जाती है ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
योगसूत्र के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
योगसूत्र के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।