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योगसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 45
सूक्ष्मविषयत्वं चालिङ्गपर्यवसानम्॥ सूक्ष्म , विषयत्वम् , च , अलिङ्ग , पर्यवसानम् ॥
सूक्ष्म विषयता प्रकृति पर्यन्त है ।
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