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योगसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 44
एतयैव सविचारा निर्विचारा च सूक्ष्मविषया व्याख्याता॥ एतया , एव , सविचारा , निर्विचारा , च , सूक्ष्मविषया , व्याख्याता ॥
इन अर्थात् पूवोक्त सवितर्क और निर्वितर्क समाधियों के वर्णन से ही सूक्ष्म विषयों में की जानेवाली सविचार और निर्विचार समाधि का भी वर्णन कर दिया गया है ।
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