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योगसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 42
तत्र शब्दार्थज्ञानविकल्पैः संकीर्णा सवितर्का समापत्तिः॥ तत्र , शब्द , अर्थ , ज्ञान , विकल्पैः , संकीर्णा , सवितर्का , समापत्तिः॥
उन समापत्तियों में शब्द, अर्थ, ज्ञान - इन तीनों के विकल्पों से मिली हुई समापत्ति अर्थात् समाधि सवितर्क अर्थात् वितर्कयुक्त कहलाती है ।
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