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योगसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 31
दुःखदौर्मनस्याङ्गमेजयत्वश्वासप्रश्वासा विक्षेपसहभुवः॥ दुःख: , दौर्मनस्य , अङ्गमेजयत्व , श्वास , प्रश्वासा: , विक्षेप , सहभुवः॥
दुख, मन खराब होना, अंगमेजयत्व, श्वास और प्रश्वास - ये पाँच विघ्न विक्षेपों के साथ-साथ होनेवाले हैं।
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