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योगसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 18
विरामप्रत्ययाभ्यासपूर्व: संस्कारशेषोSन्यः ॥ विराम , प्रत्यय , अभ्यास , पूर्व: , संस्कार , शेष: , अन्यः ॥
विराम-प्रत्यय का अभ्यास जिसकी पूर्व-अवस्था है और जिसमें चित्त का स्वरूप 'संस्कार' मात्र ही शेष रह जाता है, वह योग अन्य है अर्थात् असम्प्रज्ञात समाधि है ।
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