वितर्कविचारानन्दास्मितारूपानुगमात् संप्रज्ञातः ॥
वितर्क , विचार , आनन्द , अस्मिता , रूप , अनुगमात् , संप्रज्ञातः ॥
वितर्क, विचार, आनंद और अस्मिता - इन चारों के सम्बन्ध से युक्त चित्तवृत्ति का समाधान - सम्प्रज्ञात समाधि है।
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