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योगसूत्र • अध्याय 1 • श्लोक 11
अनुभूतविषयासंप्रमोष: स्मृतिः ॥ अनुभूत , विषय , असम्प्रमोष: , स्मृतिः ॥
प्रमाण, विपर्यय, विकल्प और निद्रा के अनुभव किए हुए विषय का न छिपना अर्थात संस्कारवश उनका ज्ञान के स्तर पर प्रकट हो जाना स्मृति कहलाता है।
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